दोस्तों आज कल हमारे कुछ नेताओ को शायद काम नही है इस लिए वोःवंदे मातरम और इस्लाम इस बात को लेकर फिक्रमंद नज़र आ रहे है । मैं आप सभी लोगो से यह पूछना चाहता हूँ के क्या आप सभी लोगो को यह लगता है के वंदे मातरम् कहना इस बात का सबूत है के कहने वाला शख्स सच्चा देशभक्त है।
क्या हम नही जानते की हमारे नेताओं ने अपने भाषण मे ना जाने कितने ही बार इस शब्द का प्रयोग किया होंगा क्या वेःसभी इस देश और देशवासियो के प्रति इमानदार है ? क्या हमारे नीता इस देश का पैसा विदेशी बैंक्स मे नही रख रहे है । मेरा मानना है के जो लोग यह कह रहे है इस घटना को बीजेपी ज्यादा तूल दे रही है तो मेरा उनसे यह अनुरोध है के आप जैसे लोग नैतिकता की बात कैसे कर सकते है
जबकि पुरे भारत वर्ष में आप जैसी अनैतिक पार्टी शायद ही दूसरी होंगी ।
दोस्तों शायद आप लोगो को फ़िल्म गर्व का एक सीन याद हो जिसमे कहा गया था के किसी का हिंदू होना, राजपूत होना .............. यह इस बात का प्रमाण नही है के वोह देशभक्त है । देशभक्ति एक जज्बा है जो अन्तेरात्मा से पैदा होता है इस के किए किसी को किसी भी विसिस्ठ शब्द का प्रयोग करने के लिए कहना क्या यह अनुचित प्रकार नही है । क्या भारत के मुस्लमान ने समय समय पर अपने देशभक्त होने का प्रमाण नही दिया है ? जी हा दिया है तो फिर इस तरह की बहस का क्या मतलब जो एक भाई दूसरे भाई से अलग कर दे । और जहा तक मेरा व्यक्तिगत प्रश्न है तो मुज़ह वंदे मातरम कहने में कोई दिक्कत नही है अगर उस के लिए यह शर्त है के अगर मै कहता हु तो देशभक्त नही तो गद्दार ।
जरा इस बारे में सोचो के अगर कोई धर्मं गुरु कुछ कह रहा है तो वोः क्या कह रहा है ,क्यों कहरहा है उसके प्रमाण क्या है यह भी तो सोचो ।
जय हिंद
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