क्या वाकई सुप्रीम कोर्ट लो यह लगता है के मुसलमानों के दाढ़ी बढाने का मतलब तालिबानी कारन है ?
समाचार के अनुसार देल्ली कॉन्वेंट स्कूल के स्टुडेंट को दो साल पहले इस लिए स्कूल से निकला गया के उसने दाढी रखी थी और स्कूल के नज़र मे दाढी रखना मतलब तालिबानीकरण है । जब वो स्टुडेंट इस के विरोध मे कोर्ट पंहुचा तो माननीय न्ययाधीश ने उसे यह कह कर उस की याचिका कर दी गई के वह दाढी नही रखे । अभी कुछ दिन पहले माननीय उच्चतम न्ययालय ने उस से माफ़ी मांगते हुए उसे न्य्याय दिया की वोह दाढी रख कर उसी स्कूल मे पढ़ सकता है ।
अभी अगर किसी मुस्लिम ने दाढ़ी रखी तो वोह क्या तालिबानी हो गया क्या ? इस देश मे न जाने कितने लोग होंगे जो दाढ़ी रख ते है , सबसे अहम् बात यह है की हमारे पंतप्रधान की भी दाढ़ी है तोह वोह भी ? यह सब बातो का मतलब क्या है और इस विचार के पीछे कौन -कौन लोग है इस बात का पत्ता लगाना चाहिय ।
किसी को भी सिर्फ़ उसकी जाती के आधार पर आप उसे देशभक्त या देश्द्रोदी करार दे सकते है । किसी का मात्र हिंदू होना देशभक्ति का प्रतिक नही है । इस बात का तात्पर्य सिर्फ़ इतना है के यह मुल्क जितना आप को प्यारा उतनाही मुझे या अन्य किसी भी मुसलमान को प्यारा है ।
कोई बात अगर बुरी लगे तो क्षमा करना
धन्यवाद्
Thursday, 17 September 2009
Wednesday, 9 September 2009
अस्सलाम अल्लिकुम/नमस्कार /सत्श्रीयाकल ... दोस्तों ,
आप सभी का इस ब्लॉग मे मै शैख़ माजेद स्वागत करता हूँ । आज हम जो भी न्यूज़ चैनल देखे वहा नकली नो़ट्स के बारेमे कम से कम एक ख़बर मिल ही जाएँगी , कभी हमने सोचा है के इस के लिए कौन जिम्मेदार है
हम ने क्या इसी वास्ते बांग्लादेश को उसे की आज़ादी के वास्ते मदद की थी ,की वोह हमारे ही देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुचाये । यह पाकिस्तान,बांग्लादेश ,नेपाल, चाइना यह ऐसे पड़ोसी है जिनके मुँह मे राम और बगल मे चूरा लिए बैठे है । इन सभी देशो के साथ जैसे को तैसे वाला सलूक किया जाना चाहिय । इस का मतलब यह है के इन देशो के के साथ किसी भी प्रकार की कोई भी हमदर्दी नही दिखाना चाहिय । मसलन पाक,चाइना ने हमारे ज़मीन पर कब्ज़ा किया है उस ज़मीन पर सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारा ही अधिकार है और यह अधिकार पाने मे हमारी सेना सक्षम है ,लेकिन इन राजनेताओ को कौन सम्जाये के कुत्तो की तरह तलवे छाटना बंद करो । देश पर सरकार किसी भी पार्टी की हो लेकिन हमारे प्रधानमंत्री कोई भी हो वोह सिर्फ़ उस कुते की तरह है जो सिर्फ़ भोकना जानता है लेकिन काटना जानता नही । अगर हमारे नेता कोई गंभीर कदम उठाते तो आज जो ज़मीन दुश्मन के कब्जे मे है वोह नही होती और यह सभी प्रकार के शास्त्र ,नकली नो़ट्स यहाँ नही आते । शब्बा खैर ।
आप सभी का इस ब्लॉग मे मै शैख़ माजेद स्वागत करता हूँ । आज हम जो भी न्यूज़ चैनल देखे वहा नकली नो़ट्स के बारेमे कम से कम एक ख़बर मिल ही जाएँगी , कभी हमने सोचा है के इस के लिए कौन जिम्मेदार है
हम ने क्या इसी वास्ते बांग्लादेश को उसे की आज़ादी के वास्ते मदद की थी ,की वोह हमारे ही देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुचाये । यह पाकिस्तान,बांग्लादेश ,नेपाल, चाइना यह ऐसे पड़ोसी है जिनके मुँह मे राम और बगल मे चूरा लिए बैठे है । इन सभी देशो के साथ जैसे को तैसे वाला सलूक किया जाना चाहिय । इस का मतलब यह है के इन देशो के के साथ किसी भी प्रकार की कोई भी हमदर्दी नही दिखाना चाहिय । मसलन पाक,चाइना ने हमारे ज़मीन पर कब्ज़ा किया है उस ज़मीन पर सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारा ही अधिकार है और यह अधिकार पाने मे हमारी सेना सक्षम है ,लेकिन इन राजनेताओ को कौन सम्जाये के कुत्तो की तरह तलवे छाटना बंद करो । देश पर सरकार किसी भी पार्टी की हो लेकिन हमारे प्रधानमंत्री कोई भी हो वोह सिर्फ़ उस कुते की तरह है जो सिर्फ़ भोकना जानता है लेकिन काटना जानता नही । अगर हमारे नेता कोई गंभीर कदम उठाते तो आज जो ज़मीन दुश्मन के कब्जे मे है वोह नही होती और यह सभी प्रकार के शास्त्र ,नकली नो़ट्स यहाँ नही आते । शब्बा खैर ।
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