क्या वाकई सुप्रीम कोर्ट लो यह लगता है के मुसलमानों के दाढ़ी बढाने का मतलब तालिबानी कारन है ?
समाचार के अनुसार देल्ली कॉन्वेंट स्कूल के स्टुडेंट को दो साल पहले इस लिए स्कूल से निकला गया के उसने दाढी रखी थी और स्कूल के नज़र मे दाढी रखना मतलब तालिबानीकरण है । जब वो स्टुडेंट इस के विरोध मे कोर्ट पंहुचा तो माननीय न्ययाधीश ने उसे यह कह कर उस की याचिका कर दी गई के वह दाढी नही रखे । अभी कुछ दिन पहले माननीय उच्चतम न्ययालय ने उस से माफ़ी मांगते हुए उसे न्य्याय दिया की वोह दाढी रख कर उसी स्कूल मे पढ़ सकता है ।
अभी अगर किसी मुस्लिम ने दाढ़ी रखी तो वोह क्या तालिबानी हो गया क्या ? इस देश मे न जाने कितने लोग होंगे जो दाढ़ी रख ते है , सबसे अहम् बात यह है की हमारे पंतप्रधान की भी दाढ़ी है तोह वोह भी ? यह सब बातो का मतलब क्या है और इस विचार के पीछे कौन -कौन लोग है इस बात का पत्ता लगाना चाहिय ।
किसी को भी सिर्फ़ उसकी जाती के आधार पर आप उसे देशभक्त या देश्द्रोदी करार दे सकते है । किसी का मात्र हिंदू होना देशभक्ति का प्रतिक नही है । इस बात का तात्पर्य सिर्फ़ इतना है के यह मुल्क जितना आप को प्यारा उतनाही मुझे या अन्य किसी भी मुसलमान को प्यारा है ।
कोई बात अगर बुरी लगे तो क्षमा करना
धन्यवाद्
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